Tuesday, June 23, 2009

आखिर सफेद हो गया क्यों दोस्तों का खून.....

आखिर सफेद हो गया क्यों दोस्तों का खून.......
एक एक कदम पे मक्र है धोखा है जाल है.......... अब तो यहाँ से बच के निकलना मुहाल है........ देना पड़ेगा आपको जिसका अभी जवाब......... मेरे लबों पे आज एक एसा सवाल हे......... लिखेगें मेरे खून से वो अपनी दास्तान......हैरान हूँ..... उन्हें मेरा कितना ख्याल हे....... आखिर सफेद हो गया क्यों दोस्तों का खून........ इसमें जरूर ही किसी दुश्मन की चाल है....... पूछे न यक्ष की तरह कोई जहाँ सवाल...... प्यासों के वास्ते कोई ऐसा भी ताल है ?

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